PRO's profileMADHYAPRADESH KI AWAZ म...PhotosBlogListsMore Tools Help

MADHYAPRADESH KI AWAZ मध्‍यप्रदेश की आवाज

ग्‍वालियर भिण्‍ड मुरैना और पन्‍ना के स्‍थानीय निवासीयों द्वारा प्रकाशित, ग्‍वालियर टाइम्‍स डॉट कॉम की आधिकारिक स्‍पेस
There are no photo albums.
No list items have been added yet.
There are no categories in use.
July 06

आओ विद्युत बचाएं: देश को आगे ले जायें, विद्युत की बचत ही विद्युत का उत्पादन है

आओ विद्युत बचाएं: देश को आगे ले जायें, विद्युत की बचत ही विद्युत का उत्पादन है

आदेश शर्मा (भारद्वाज)

काशी नरेश की गली , भारद्वाज बाडा ग्वालियर, बाइल : 9826284045

       विद्युत राष्ट्रीय ऊर्जा है तथा राष्ट्र की समृध्दि और विकास का आधार भी। विद्युत ऊर्जा के उपयोग और उपभोग के प्रति आम जनता और उपभोक्ता की सोच दूरगामी परिणामों को लेकर गंभीर नहीं है। विद्युत का उपयोग  बेदर्दी और प्रतिस्पर्धात्मक आधार पर हो रहा है। आम तौर पर होने वाले कार्यक्रमों में इस तरह की स्पर्धा बढ़-चढ़ कर देखी जा सकती है । प्राय: लोग विद्युत उपयोग का भी दिखावा करते हैं और कहते हैं कि ''हमने इतनी रोशनी की'' हमें ऐसे थोथे विचारों को त्यागना होगा जो राष्ट्रीय ऊर्जा का संकट बढाने वाले साबित हों । दरअसल विद्युत का मितव्ययता से उपयोग ही राष्ट्र  और समाज के भविष्य को मजबूती प्रदान करने वाला हो सकता है।

       विद्युत ऊर्जा का उपयोग हमें अपनी कड़ी मेहनत से अर्जित धन की तरह करना चाहिए। साथ ही हमें अपने मन में यह भाव भी लाना होगा कि हम राष्ट्रीय ऊर्जा का अनावश्यक और अनाधिकृत उपयोग कर अपराध न करें । विद्युत ऊर्जा के अनियमित उपयोग से बिजली और पानी की समस्या विकराल रूप ले रही है जिससे सामाजिक वैमनस्यता बढ रही है और राष्ट्रीय और सामाजिक प्रगति भी अवरूध्द होती है।

       हमारे देश में पॉच तरीकों से विद्युत उत्पादन किया जा सकता है इनमें से (हाइड्रो इलेक्ट्रिसिटी ) जल विद्युत इकाई के निर्माण एवं उपयोग योग्य बनाने में लगभग 10 से 12 वर्ष का समय, हजारों व्यक्तियों का श्रम और 1000 करोड़ की  अनुमानित लागत आती है तब कहीं  450 से 500 मेगावॉट विद्युत उत्पादन वाली विद्युत इकाई स्थापित होती है । जिससे प्रति यूनिट उत्पादन लागत लगभग 60 पैसे आती है ।

कोयले से उत्पादित की जाने वाली (ताप विद्युत) इकाई के कार्य को पूरा करने में पांच वर्ष छ: माह का समय और लगभग 500 करोड़ की लागत आती है जिससे 250 से 500 मेगावॉट का उत्पादन होता है । ताप विद्युत ऊर्जा की  लागत 2.50 रूपये प्रति यूनिट आती है। वहीं नाभिकीय विद्युत (न्युक्लिीयर इलेक्ट्रिीसिटी) इकाई को उत्पादन योग्य बनाने में पॉच वर्ष का समय और 900 करोड़ रूपये की राशि खर्च कर 500 से 1000 मेगावॉट विद्युत उत्पादन किया जा सकता है । नाभिकीय ऊर्जा की प्रति यूनिटउत्पादन लागत लगभग 1.90 रूपये  आती है। सौर ऊर्जा और वायु वेग से  (विन्ड इलेक्ट्रिसिटी) विद्युत उर्जा का उत्पादन रेगिस्तानों अथवा समुद्री तटों आदि पर जहां सूर्य की तेज किरणों से अथवा तीव्र गति वायु औसतन 60 से 75 किमी प्रति घण्टा के वेग से चलती हो से किया जाता है ।

काफी समय, कठिनाईयों, करोड़ों रूपये की लागत तथा हजारों हाथों की मेहनत से उत्पादित विद्युत ऊर्जा की मांग जिस तेजी से बढ रही है उसके अनुरूप उत्पादन किया जाना संभव नहीं हो पा रहा । भविष्य  में ऊर्जा संकट से निजात दिलाने के लिये सरकार ने बिरसिंगपुर में 500 मेगावॉट और अमरकंटक में 210 मेगावॉट बाणसागर, टोन्स, रीवा के सिलपरा में तीन विद्युत इकाईयों में 40 मेगावॉट, 30 मेगावॉट और 20 मेगावॉट के अलावा मणी खेडा बांध पर भी एक  जल विद्युत ईकाई को उत्पादन योग्य बनाया जा रहा है । म.प्र. शासन और विद्युत मण्डल दोनों की जागरूकता से विद्युत के क्षेत्र में किये जा रहे सकारात्मक प्रयास  भी दिखाई दे रहे हैं। इन प्रयत्नों के साथ - साथ विद्युत उपभोक्ताओं का सक्रिय सहयोग भी अति आवश्यक है।  हमें विद्युत उर्जा बचत के लिये कम उर्जा खपत कर अधिक रोशनी प्रदान करने वाले सी.एफएल को उपयोग में लाना चाहिये। साथ ही जब भी घर के बाहर जावें बत्ती  बुझाना भी न भूलें 

       सड़क बत्ती के उपयोग में 250 वॉट के हैलोजन बल्वों की जगह 100 वॉट की सी.एफ.एल उपयोग में लावें ।  साथ ही सर्किट व्यवस्था से चलने वाली सड़क बत्ती को अमल में लाना चाहिये। ऊर्जा संकट में ए.सी. तथा अधिक विद्युत खपत वाले उपकरणों का मित्तव्ययता से उपयोग करना चाहिये ताकि ए.सी. से बाहर निकलने पर होने वाले शारीरिक तापमान के असन्तुलन से  होने वाली बीमारियों से भी बचा जा सके ।  इस प्रकार सावधानी से जहाँ हम शरीर को स्वस्थ्य रख सकते हैं वहीं ऊर्जा बचत के महायज्ञ में भी अपना योगदान दे सकते हैं ।

       ऊर्जा बचत हमें जोड़ती है । परिवार के सभी सदस्य एक कमरे में इकट्ठा बैठकर बत्ती, पंखा या कूलर का सामूहिक उपभोग करके भी विद्युत की बचत कर सकते हैं ।  नगरीय क्षेत्र में पानी के लिये प्रत्येक घर में प्रयुक्त होने वाली 250 वॉट की विद्युत मोटरों को एक साथ एक समय में चलाकर भारी विद्युत ऊर्जा खर्च की जाती है । अगर वार्ड और मोहल्लों में पानी की बडी टंकियों निर्मित की जाकर ज्यादा दबाब से पानी दिये जाने की व्यवस्था को व्यवहार में लावें तो विद्युत की काफी बचत की जा सकती है।   

       विवाह समारोह और अन्य सार्वजनिक आयोजनों हेतु उपयोगी क्षेत्रफल में पर्याप्त प्रकाश मिलने में उपयोग होने लायक भार की  ही स्वीकृति प्रदान की जावे । एक ही स्थान पर    चार-चार बल्वों का उपयोग न करें । अनावश्यक उपयोग की जा रही विद्युत ऊर्जा को रोका जाकर विद्युत बचत की जा सकती है। यदि संभव हो तो शादी समारोह आदि दिन में आयोजित किये जावें जिससे बिजली की बचत होगी । स्कूलों और महाविद्यालयों में विद्यार्थियों को विद्युत उपयोग की महत्ता से अवगत कराने के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किये जा सकते हैं ।साथ ही सरकारी कार्यालयों में सीमित विद्युत उपयोग किया जावे । प्रदेश के शासकीय कार्यालयों द्वारा देश के अन्य राज्यों के समान पांच दिवसीय कार्यशील सप्ताह शैली को अंगीकार किया जाना चाहिये। बाजार सायं काल जल्दी बन्द किये जावें। सड़क बत्ती सांयकाल देरी से चालू की जाकर सुबह जल्दी बन्द की जावें।  हीटर/गीजर की जगह सौर ऊर्जा से चलने वाले उपकरण का उपयोग किया जावे तथा सी एफ एल सस्ती दरों पर सुलभ हों । विद्युत बचत के उपायों को अपनाकर हम मॉल एवं शापिंग कॉम्पलेकसों में उपयोगिता के आधार पर विद्युत का उपयोग हो न की प्रदर्शनार्थ अनाप - शनाप विद्युत प्रयुक्त की जावे। भवनों के निर्माण में प्राकृतिक  प्रकाश का अधिक लाभ मिले, इस बात का ध्यान रखा जावे।     विद्युत बचत के उपायों को अपनाकर हम  करोड़ों रूपये और हजारों हाथों की कड़ी मेहनत से उत्पादित की जाने वाली विद्युत ऊर्जा के उचित उपयोग से प्रदेश के उद्योगों, कृषि क्षेत्र और चिकित्सा जैसे अतिमहत्वपूर्ण कार्य हेतु पर्याप्त विद्युत ऊर्जा प्रदान कर प्रदेश और देश की प्रगति में अपना योगदान दे सकते हैं।

 

आदेश शर्मा (भारद्वाज)

काशी नरेश की गली

भारद्वाज बाडा ग्वालियर

मेबाइल : 9826284045

 

त्रिस्तरीय पंचायत राज संस्थाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए ग्राम पंचायतों का कम्प्यूटरीकरण किया जायेगा

त्रिस्तरीय पंचायत राज संस्थाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए

 ग्राम पंचायतों का कम्प्यूटरीकरण किया जायेगा

भोपाल 5 जुलाई 09। प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायतीराज संस्थाओं के सुदृढ़ीकरण के लिये ग्राम पंचायतों को कम्प्यूटरीकृत किया जायेगा। यह कार्य पंचायतीराज मंत्रालय भारत शासन और पंचायत राज संचालनालय के सहयोग से किया जायेगा। यह विचार यहां भारत शासन पंचायती राज मंत्रालय के संयुक्त सचिव श्री डी.के. जैन ने नर्मदा भवन में आयोजित कार्यशाला में व्यक्त किये। इस महत्वाकांक्षी योजना की शुरूआत मध्यप्रदेश के सीधी और शिवपुरी जिले से की जा रही है। बाद में इसे सम्पूर्ण प्रदेश में लागू किया जायेगा। इस योजना को कार्यरूप में परिणित करने के लिये नेशनल ई-ग्राम पंचायत के अन्तर्गत ePRI योजना को प्राथमिकता से लिये जाने के लिये भारत शासन दृढ़ संकल्पित है।

       इस अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री आई.एस. दाणी ने कहा कि इस कार्यशाला में आए जनपद पंचायत, जिला पंचायत, जन-प्रतिनिधियों के द्वारा दिये गये सुझावों पर प्रभावी रूप से अमल किया जायेगा। उन्होंने कहा कि कम्प्यूटराइजेशन के लिये पहले जो प्रोजेक्ट लागू किये गये हैं उनका विस्तृत रूप से अध्ययन किया जाये। प्रदेश में लगभग 23 हजार ग्राम पंचायत और 52 हजार ग्राम हैं। पंचायत संस्थाओं से 23 विभाग जुड़े हैं। नरेगा में कम्प्यूटर का सही उपयोग होना चाहिये। ग्राम पंचायत सचिवों की योग्यता को देखकर उन्हें प्रशिक्षित किया जायेगा।

       कार्यशाला के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए अपर विकास आयुक्त श्री अनिल श्रीवास्तव ने कहा कि अभी ePRI के तहत प्रदेश के दो जिले सीधी और शिवपुरी का चयन किया गया है। भारत सरकार की टीम इन दोनों जिलों का भ्रमण करेगी, वहां की पंचायत राज संस्थाओं में जाकर यह समीक्षा करेगी कि ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत एवं जिला पंचायत में सूचनाओं से संबंधित मूलभूत आवश्यकताएं क्या हैं, ऐसे कौन से कार्यक्रम, परियोजनाएं एवं आवश्यक लेखे की जिनका ग्राम पंचायत से लेकर राज्य स्तर तक कम्प्यूटर नेटवर्क से जोड़ा जा सकता है। पंचायत राज संस्थाओं से संबंधित विभागों को बुलाने का उद्देश्य है कि उनके द्वारा कई कार्यक्रम एवं योजनाएं पंचायत राज संस्थाओं के माध्यम से क्रियान्वित की जा रही हैं। जिनका गुणात्मक मूल्यांकन, भौतिक प्रगति एवं बजट तथा लेखाओं से संबंधित सूचनाएं प्राप्त करने की अपेक्षा पंचायत राज संस्थाओं से की गई है। उनकी योजनाओं का संचालन, क्रियान्वयन एवं रिपोर्टिंग के संदर्भ में पंचायत राज संस्थाएं सूचनाओं के आदान-प्रदान में किस प्रकार सकारात्मक भूमिका निभा सकती हैं।

       मध्यप्रदेश में भारत के संविधान की 11वीं अनुसूची के अन्तर्गत 23 विभागों के द्वारा विभिन्न प्रकार के फंड, कार्यक्रम पंचायत संस्थाओं को सौंपे गये हैं, इन 23 विभागों के ग्राम सभाओं में 193 कार्य, ग्राम पंचायतों में 61 कार्य, जनपद पंचायतों को 162 कार्य और जिला पंचायतों को 133 कार्य सौंपे गये हैं। इस प्रकार पंचायत संस्थाओं को कुल मिलाकर 449 कार्य सौंपे गये हैं। ई.पी.आर.आई. (ePRI) के माध्यम से ग्राम सभाओं के सुदृढ़ीकरण की दिशा में भी एक नया अध्याय जोड़ा जा सकेगा। उन्होंने कहा कि भारत शासन द्वारा ग्राम पंचायतों को ई-गवर्नेंस से जोड़े जाने की एक महती परियोजना हाथ में ली गई है, यह पंचायत राज संस्थाओं के आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस योजना को क्रियान्वित करने में भारत सरकार को मध्यप्रदेश शासन द्वारा पूरा सहयोग दिया जायेगा।

       इस अवसर पर आयुक्त पंचायत श्रीमती वीणा घाणेकर सहित मत्स्य पालन, स्वास्थ्य, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा अपने-अपने विभाग की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में सीधी और शिवपुरी जिले के जिला पंचायत अध्यक्ष, जनपद अध्यक्ष, सरपंच और जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन श्री भूपेश गुप्ता ने किया।

मच्छरजन्य परिस्थितियों को समाप्त करें- डॉ. कोमल सिंह

मच्छरजन्य परिस्थितियों को समाप्त करें- डॉ. कोमल सिंह

असहयोगी को होगा 500 रूपये तक जुर्माना

ग्वालियर, 5 जुलाई 09/ नगरीय क्षेत्रों में मलेरिया, डेंगू एवं चिकनगुनिया बिमारी पर प्रभावी नियन्त्रण हेतु मच्छरजन्य परिस्थितियों को समाप्त किया जावे। संभागायुक्त डा.कोमल सिंह ने इस सम्बन्ध में अधिकारियों को प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा प्रमुख सचिव नगरीय प्रशासन द्वारा दिये गये निर्देशों का सख्ती से पालन करने की हिदायत दी है। उन्होंने कहा कि गत वर्ष मलेरिया से संभाग के कई हिस्सों में लोग प्रभावित हुए थे। इस बार वर्षा पूर्व ही बचाव के सभी बन्दोबस्त किये जायें। 

      मलेरिया, डेंगू एवं चिकनगुनिया बीमारी पर प्रभावी नियन्त्रण की दृष्टि से पूरे प्रदेश में मच्छरजन्य परिस्थितियां समाप्त करने की दिशा में ठोस प्रयास किये जा रहे हैं । सर्वविदित है कि मलेरिया बीमारी एनाफिलिज नामक मच्छर तथा डेंगू व चिकुनगुनिया बीमारी एडीज नामक मच्छरों की वजह से एक रोगी मनुष्य से स्वस्थ व्यक्ति में फैलती है । ये मच्छर घरों में सीमेन्ट की टंकी, मटके, नांद, कूलर, टायर, कुएॅ, घर के आसपास एकत्रित पानी, पोखर आदि जिसमें पानी एक सप्ताह से अधिक समय तक जमा रहता है, में पैदा होते हैं।

      शहरी क्षेत्रों में कीटनाशक दवाई जैसे डी.डी.टी. आदि का छिड़काव लोग दीवारों के खराब होने एवं गंध आने की वजह से नहीं करवाते, इसलिए मच्छरों की उत्पत्ति रोकने के लिए लार्वानाशी दवाई जैसे टेमोफास का छिड़काव रूके हुए पानी पर किया जाता है ऐसा करने से मच्छर लार्वा अवस्था में ही नष्ट हो जाते हैं । साथ ही मच्छरों को नष्ट करने के लिए पेराथ्रम का धुऑं भी किया जाता है ।

       नगरीय निकायों को उनके पास उपलब्ध धनराशि से टेमोफास व पेराथ्रम की व्यवस्था करने व तकनीकी मार्गदर्शन हेतु मुख्य चिकित्सा अधिकारी व जिला मलेरिया अधिकारी को ताकीद किया गया । अत्यावश्यक परिस्थितियों में टेमोफास व पेराथ्रम की उपलब्धता न होने पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी अथवा जिला मलेरिया अधिकारी से सम्पर्क करने पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा भी ये दवाईयाँ उपलब्ध कराई जा सकेंगी । साथ ही नगरीय निकाय पोखरों व अन्य जल स्त्रोतों में लार्वाभक्षी मच्छली गम्बूसिया का संचय करें व समय समय पर कुओं,बाबड़ियों, अनुपयोगी जल स्त्रोतों में ये मछलियॉ डालें । ऐसा करने से मछलियाँ मच्छरों के लार्वा का भक्षण करती हैं, फलस्वरूप मच्छरों की उत्पत्ति प्रभावी रूप से कम हो सकेगी ।

घरों में मच्छरों की उत्पत्ति रोकने हेतु सीमेंट की टंकी, मटके, नांद आदि ढककर रखने व कूलर, टंकी आदि को सप्ताह में एक बार खाली कर फिर भरने का प्रचार प्रसार किया जावे तथा आम लोगों को लार्वा से मच्छर बनने की जानकारी का अभाव दूर करने हेतु स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से प्रदर्शनियों का भी आयोजन किया जावे । जिसमें मच्छरों के लार्वा का भी प्रदर्शन किया जावे।

मध्यप्रदेश शासन, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग मंत्रालय द्वारा मलेरिया और मच्छरों से उत्पन्न अन्य बीमारियों के नियंत्रण के सम्बन्ध में आदर्श उपविधियाँ बनाई गयी हैं, उपविधियों में निम्न बिन्दु प्रमुख हैं :-

·                     मच्छर पैदा होने के स्थलों का अभिक्रियान्वयन :- किसी परिसर, जिसमें बहते पानी / एकत्रित पानी में मच्छरों के लार्वा होने की संभावना हो, उस भवन स्वामी / दखलकार को मुख्य नगर पालिका अधिकारी लिखित में सूचना देकर नियत समय में उनके द्वारा सुझाये गये उपाय अनुसार कार्यवाही करवायें।

·                     यदि सूचना दिये गये व्यक्ति द्वारा परिसर में उपाय नहीं किये जाते हैं तो मुख्य नगर पालिका अधिकारी उल्लेखित उपाय कर सम्पत्ति स्वामी / अभिभोगी से वसूलकर सकता है ।

·                     नगरपालिका अधिकारी द्वारा किसी भूमि/भवन/ परिसर में यदि मच्छर रोधी कार्य किया जाता है तो कोई भी व्यक्ति ऐसे किये गये कार्य में विध्न नहीं डालेगा / हानि नहीं पहुँचायेगा / नष्ट नही करेगा और न ही अनुपयोगी बनायेगा । यदि किसी व्यक्ति द्वारा उल्लंघन किया जाता है तो उसमें होने वाला व्यय सम्बन्धित  व्यक्ति से वसूला जावेगा। साथ ही किसी भवन/ परिसर में ऐसे अनावश्यक कोई कार्य नहीं किये जावें, जिससे पानी रूके / एकत्र हो, जिसमें मच्छर उत्पन्न हों । भवन/सड़कों/बाँधों की मरम्मत के दौरान किये गये गङ्ढों को निकासी से जोड़ा जावे ।

·                     मुख्य नगर पालिका अधिकारी किसी भी भवन में निरीक्षण हेतु प्रवेश कर सकेगा तथा उपविधियों का उल्लंघन करने पर रूपये 500/- तक जुर्माना किया जा सकेगा ।

नगर पालिका परिषद / नगर पंचायत उपविधियों का अपने क्षेत्र में पालन कराये ताकि मच्छरों की उत्पत्ति पर रोक लग सके एवं मलेरिया, चिकनगुनिया व डेंगू पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकेगा ।

 

समलैंगिक विवाद : 'सर्वश्रेष्ठ प्राणी' की 'श्रेष्ठता' पर उठते सवाल

समलैंगिक विवाद :  'सर्वश्रेष्ठ प्राणी' की 'श्रेष्ठता' पर उठते सवाल

निर्मल रानी, email: nirmalrani@gmail.com nirmalrani2000@yahoo.co.in nirmalrani2003@yahoo.com 163011, महावीर नगर,  अम्बाला शहर,हरियाणा फोन-98962-93341

       हमारे धर्मशास्त्र हमें यह बताते हैं कि ईश्वर ने पृथ्वी पर 84 लाख विभिन्न यौनियों के रूप में प्राणियों की संरचना की है। प्राणियों की इस विशाल सूची में मनुष्य को सर्वश्रेष्ठ प्राणी के रूप में स्वीकार किया गया है। इस्लामिक मान्यताओं के अनुसार भी अल्लाह ने इंसान को अशरंफुल मंखलूंकात के रूप में स्थान दिया है। जिसका अर्थ है प्रकृति की सभी रचनाओं में सर्वोत्तम। ंजाहिर है इंसान रूपी ऐसे विशिष्ट प्राणी से इसी प्रकार की विशिष्ट, असाधारण तथा सर्वश्रेष्ठ कारगुंजारियों की भी उम्मीद की जानी चाहिए। नि:संदेह समय व काल के अनुरूप यह सर्वश्रेष्ठ प्राणी ऐसी अनेक कारगुंजारियां अंजाम देता आ रहा है जिसने इंसान के सर्वश्रेष्ठ होने की मान्यताओं पर मोहर लगाई है तथा इसकी पुष्टि की है। परन्तु इसी के साथ-साथ कभी-कभी यह भी देखा गया है कि इसी इंसान रूपी प्राणी ने कभी-कभी अनैतिकता तथा घटियापन की उन सीमाओं को भी पार किया है जिनकी उम्मीद जानवरों से भी नहीं की जा सकती।

              कुदरत ने पृथ्वी पर जितने प्राणियों की संरचना की, उन सभी में दो प्रकार के लिंग की व्यवस्था की। एक पुल्लिंग तथा दूसरा स्त्रीलिंग। इन्हीं दोनों लिंगों के माध्यम से पूरी सृष्टि का निर्माण हुआ तथा यह सिलसिला अभी तक जारी है। बड़े आश्चर्य की बात है कि इंसान रूपी तथाकथित सर्वश्रेष्ठ प्राणी के अतिरिक्त पृथ्वी के शेष अन्य सभी 'अश्रेष्ठ' कहे जा सकने वाले प्राणियों ने तो प्रकृति द्वारा निर्धारित सभी मापदंडों की लाज रखते हुए उसके बनाए नियमों का अक्षरश: पालन किया तथा आज भी करते आ रहे हैं। परन्तु अपनी बुद्धिमता का परचम लहराने वाला इंसान ंकुदरत द्वारा निर्धारित लिंग भेद की सीमाओं तथा मापदंडों की अवहेलना करने के लिए उत्सुक दिखाई दे रहा है।

              इंसानों के मध्य से एक नए एवं अप्राकृतिक रिश्ते के सूत्रपात की ंखबरें आ रही हैं जिसे समलैंगिक रिश्तों का नाम दिया जा रहा है। इसका अर्थ है कि कोई भी पुरुष किसी अन्य पुरुष के साथ तथा कोई भी स्त्री किसी अन्य स्त्री के साथ अपनी इच्छानुसार यौन संबंध स्थापित कर सकते हैं। इस प्रकरण में सुखद बात केवल यह है कि इंसानों में ऐसी सोच तथा ऐसे विचार रखने वालों की संख्या नाममात्र है। परन्तु इसके बावजूद भारत सहित दुनिया के अन्य तमाम देशों को मिलाकर ऐसे लोगों की संख्या अब इतनी ंजरूर हो गई है कि इनकी आवांज को दुनिया सुन रही है तथा महत्व भी दे रही है।

              भारतवर्ष अपनी स्वयं की संस्कृति एवं सभ्यता रखने वाला एक प्राचीन देश है। यहां धार्मिक एवं प्राकृतिक मान्यताओं का सदैव आदर किया जाता रहा है। यही वजह है कि समलैंगिकता जैसा मनोरोग इस देश में कभी भी फल-फूल नहीं पाया। संभवत: यही वजह रही होगी जबकि विश्वव्यापी ब्रिटिश उपसाम्राज्यवाद के दौर में समलैंगिकता के विरुद्ध यदि कहीं ंकानून बनाया गया अथवा समलैंगिकता को ंगैरंकानूनी घोषित किया गया तो वह भारत ही दुनिया का पहला देश था। 1860 0 में लॉर्ड मैकॉले ने भारतीय दंड संहिता की धारा 377 के अन्तर्गत इसे अपराध घोषित किया। परन्तु गत् 2 जुलाई को दिल्ली उच्च न्यायालय ने समलैंगिक आन्दोलन चलाने वालों के पक्ष में एक ऐसा निर्णय सुना दिया जिससे कि 'सर्वश्रेष्ठ प्राणी' की श्रेष्ठता पर वांकई एक बड़ा प्रश्चिन्ह लग गया। दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश ए पी शाह तथा न्यायाधीश एस मुरलीधर की न्यायपीठ ने एक ऐतिहासिक निर्णय सुनाते हुए यह ंफैसला दिया कि समलैंगिक रिश्ते बनाना धारा 377 के अन्तर्गत अपराध की श्रेणी में नहीं आता। हालांकि इस ंफैसले के साथ-साथ न्यायपीठ ने व्यस्क होने अर्थात् 18 वर्ष से अधिक की आयु होने तथा आपसी रंजामंदी होने की शतर्ें भी साथ रखी हैं। अदालत के इस ंफैसले से समलैंगिक रिश्ते रखने वाले तथा इनके प्रति हमदर्दी रखने वालों में कांफी जोश व उत्साह देखा जा रहा है। परन्तु भारत का सभ्य समाज चाहे वह किसी भी धर्म व सम्प्रदाय का क्यों न हो, उच्च न्यायालय के इस ंफैसले से हतप्रभ है।

              समलैंगिक रिश्तों को मान्यता दिलाए जाने की लड़ाई लड़ने वाले संगठन जो गत् 8 वर्षों से अपने कथित अधिकारों के लिए संघर्षरत थे, अब लुकछुप कर अपने रिश्ते स्थापित करने के बजाए और मुखरित होकर अपने संबंधों का ढिंढोरा पीटने तथा इसे प्रचारित करने की मुद्रा में हैं। यह मुट्ठीभर लोग समलैंगिक रिश्तों को लेकर अपने सामाजिक व मानवाधिकारों की बात कर रहे हैं। इनका तर्क है कि इन्हें इनकी ंखुशी व मंर्जी के अनुरूप रहने व जीने दिया जाए। अपनी निराली तथा आश्चर्यपूर्ण इच्छाओं को मनवाने की कोशिशों में लगा यह वर्ग प्राकृतिक तथा नैतिक मान्यताओं की ओर ध्यान देना ही नहीं चाहता। इस नाममात्र वर्ग को तो बस अपनी संतुष्टि तथा अपनी इच्छाओं की पूर्ति करने मात्र की ही चिंता है। यह वर्ग इस ओर भी ध्यान नहीं देना चाहता कि उनकी इन हरकतों का नई युवा पीढ़ी पर क्या प्रभाव पड़ेगा।

              आज दुनिया मौसम के बदलते मिंजाज को लेकर कितना चिंतित व परेशान है। इसका कारण मनुष्य द्वारा सही दिशा में आगे बढ़ते हुए विकास के मार्ग तेंजी से तय करना तथा विकास के ही नाम पर होने वाले जंगलों की कटाई, चिमनी से उठने वाले धुएं, प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की संख्या में प्रतिदिन होने वाला इंजांफा तथा युद्ध से जूझने वाले हालात आदि हैं। इन सभी क्रियाओं के सकारात्मक तथा प्राकृतिक होने के बावजूद इस समय सृष्टि पर ऐसा ंखतरा मंडरा है जिसे ग्लोबल वार्मिंग का नाम दिया जा रहा है। कल्पना कीजिए कि यदि इंसान द्वारा इंसानी रिश्ते स्थापित करने के लिए अप्राकृतिक यौन संबंधों का सहारा लिया गया और वह भी केवल इंसान की संतुष्टि एवं उसकी ंखुशी की ंखातिर तो इस पृथ्वी पर क्या कुछ नहीं घट सकता।

              इंसान की इच्छाएं असीम होती हैं। अप्राकृतिक रूप से समलैंगिक संबंध स्थापित करने की इच्छा रखने वाला व्यक्ति अपने यौन सुख की ंखातिर समलैंगिक होने के अतिरिक्त अन्य किसी स्तर तक भी जा सकता है। यदि वह किसी अन्य प्राणी के साथ यौन संबंध स्थापित करना चाहे, तब भी ऐसा इंसान अपने पक्ष में तरह-तरह के तर्क पेश कर सकता है। और यदि भविष्य में 'बदलते समय' के नाम पर ऐसे रिश्ते स्थापित किए जाने को भी सामाजिक मान्यता प्रदान कर दी गई तो निश्चित रूप से यह पृथ्वी रहने योग्य नहीं रह जाएगी। ऐसे रिश्ते समाज में कैसे विकार पैदा करेंगे, इसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती।

              अत: ंजरूरत इस बात की है कि समलैंगिक रिश्तों को ंकायम करने वाले तथा इनकी वकालत करने वाले लोग जो निश्चित रूप से हमारे ही भाई-बहनों के समान हैं तथा हमारे ही समाज के प्रमुख अंग हैं, को इस विषय पर समझाया बुझाया जाए तथा समलैंगिकता के रूप में प्रकट होने वाले मनोरोग रूपी इस लक्षण का समुचित इलाज कराया जाए। ऐसा नहीं है कि समलैंगिकता के पक्ष में सैकड़ों तर्क प्रस्तुत करने वाला यह मुट्ठी भर वर्ग समलैंगिक रिश्तों के बाद मिलने वाले संभावित भयावह परिणामों को समझ नहीं सकेगा। यहां इस विषय पर इस्लामी इतिहास की एक घटना का उल्लेख करना उचित होगा। इस्लामी इतिहास में हंजरत लूत नामक एक पैंगम्बर हुए हैं। कहा जाता है कि एक विशेष क्षेत्र के लोग उनके समय में पुरुषों के मध्य समलैंगिक रिश्ते अत्याधिक स्थापित करते थे। ंखुदा को जब यह बात नागवार गुंजरी तब आकाशवाणी के माध्यम से खुदा ने हंजरत लूत को यह पैंगाम दिया कि वे लोगों को अपनी इस ंगैर ंकुदरती हरकतों से बांज आने को कहें अन्यथा उन्हें ंखुदा के ंकहर का सामना करना पड़ेगा। हंजरत लूत ने ंखुदा का पैंगाम आम लोगों तक पहुंचाया परन्तु आवाम ने पैंगम्बर द्वारा जारी किए गए ंखुदा के हुक्म की अनसुनी कर दी। परिणामस्वरूप उस पूरे क्षेत्र में बड़े-बड़े पत्थरों की भीषण बारिश हुई। ंखुदा के इस अंजाब के बाद लोगों की आंखें खुलीं और उन्होंने अपने दुष्कर्मों से तौबा की।

              प्राकृतिक प्रतिक्रया से सम्भवत: बेंखबर दिल्ली उच्च न्यायालय के ंफैसले ने हालांकि समलैंगिकों की हौसलाअंफंजाई की है। परन्तु ऐसा नहीं लगता कि उच्चतम न्यायालय व भारतीय संसद भी दिल्ली उच्च न्यायालय का समर्थन करेगा। समाज तथा सरकार को इस बात की पूरी कोशिश करनी चाहिए कि किसी भी प्रकार से भारत में रहने वाले समलैंगिकों को यह समझाया जा सके कि उनके द्वारा मात्र उनकी यौन संतुष्टि अथवा ंखुशी के लिए उठाया जाने वाला उनका कोई भी ंकदम न केवल प्रकृति विरोधी तथा भारतीय संस्कृति व सभ्यता का विरोधी है बल्कि देश की कर्णधार नई युवा पीढ़ी के भविष्य के लिए भी ऐसी कोशिशें अत्यन्त घातक हैं।   निर्मल रानी

 

July 04

दो पेट्रोल पंप की मशीनें सील एक अन्य के खिलाफ भी प्रकरण

दो पेट्रोल पंप की मशीनें सील एक अन्य के खिलाफ भी प्रकरण

ग्वालियर 3 जुलाई 09। विभिन्न अनियमिततायें मिलने पर नगर के दो पेट्रोलपंप की मशीनें सील कर दी गईं हैं। साथ ही एक अन्य पेट्रोल पंप के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है। जिला कलेक्टर श्री आकाश त्रिपाठी के निर्देशानुसार जिला आपूर्ति नियंत्रक के नेतृत्व में गये दल को छापामार कार्रवाई के दौरान इन पेट्रोल पंप पर अनियमिततायें मिली थीं।

      जिला आपूर्ति नियंत्रक श्रीमती ज्योतिशाह नरवरिया ने बताया कि शुक्रवार को खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के छापामार दल द्वारा सबसे पहले सिंहपुर रोड मुरार स्थित माँ पेट्रोलियम पंप का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान पता चला इस पंप की यूनिट द्वारा पेट्रोल की लगभग 20 मिली. कम मात्रा दी जा रही है। इस अनियमितता पर पंप की मशीन सील कर दी गई है। इसी तरह ट्रान्सपोर्ट नगर स्थित एक्सप्रेस हाइवे फ्यूलिंग सेंटर पर स्पीड डीजल यूनिट से 20 मिली. डीजल कम प्रदाय करते पाया गया। इस पंप की यूनिट भी सील कर दी गई है। साथ ही म प्र. बाँट एवं माप नियम 1985 के तहत प्रकरण भी बनाये गये हैं। रायरू स्थित इन्द्रा ऑटोमोबाइल की जांच भी दल द्वारा की गई। निरीक्षण  में पंप पर डीजल एवं पेट्रोल का स्टॉक नहीं पाया गया। यहाँ गत 21 जून से डीजल पंप एवं 8 जून से पेट्रोल पंप बंद था। पंप मालिक द्वारा गत 26 मई 09 के बाद इंडियन ऑयल कंपनी से डीजल व पेट्रोल नहीं मंगाया गया। इस प्रकार बिना सूचना पंप बंद रख कर डीजल पेट्रोल आपूर्ति बाधित करने के कारण इस पंप के खिलाफ मोटर स्प्रिट एवं हाई स्पीड डीजल ऑयल अनुज्ञापन तथा नियंत्रण आदेश के तहत प्रकरण पंजीबध्द किया गया है।

      इस जांच दल में सहायक आपूर्ति अधिकारी श्री रसिक मोहन श्रीवास्तव, कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी श्री अवधेश पाण्डेय तथा नाप तौल निरीक्षक आदि शामिल थे।

 

July 03

कलेक्टर परिसर में बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित

कलेक्टर परिसर में बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित

ग्वालियर एक जुलाई 09। मानसूनी वर्षा, संभावित बाढ़ व अतिवृष्टि से बचाव के मकसद से कलेक्ट्रेट परिसर में एहतियात बतौर बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। जिला कलेक्टर ने इस आशय के आदेश जारी कर दिये हैं। यह नियंत्रण कक्ष 24 घंटे कार्यरत रहेगा। नियंत्रण कक्ष की स्थापना 30 सितम्बर 09 तक की अवधि के लिये की गई है।

      कलेक्ट्रेट कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार अधीक्षक भू अभिलेख श्री सी बी. प्रसाद को नियंत्रण कक्ष का प्रभारी बनाया गया है। नियंत्रण कक्ष में दूरभाष क्रमांक 0751-2446232 पर संपर्क किया जा सकता है। साथ ही अधीक्षक भू अभिलेख श्री प्रसाद के मोबाइल फोन 94251-17062 पर भी संपर्क किया जा सकता है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष के सुचारू संचालन के लिये सुबह, दोपहर, शाम एवं रात्रिकालीन पारियों में पृथक-पृथक अधिकारी व कर्मचारियों की डयूटी लगाई गई है। साथ ही रिजर्व में भी कर्मचारी तैनात किये गये हैं।

 

सुनवाई दिनांकों के लिये अब पक्षकारों को भटकने की जरूरत नहीं

सुनवाई दिनांकों के लिये अब पक्षकारों को भटकने की जरूरत नहीं

प्रशासनिक न्यायाधिपति श्री संवत्सर द्वारा जिला न्यायालय में स्वागत एवं पूछताछ कक्ष का शुभारंभ

ग्वालियर एक जुलाई 09। जिला न्यायालय में पक्षकारों व अभिभाषकों को प्रकरणों के सुनवाई दिनांक सहित अन्य जानकारी के लिये अब इधर -उधर भटकने की जरूरत नहीं रहेगी। यह सब जानकारियां उन्हें एक ही कक्ष में बिना कठिनाई के मिल जायेंगी। इस मकसद से जिला न्यायालय परिसर में स्वागत एवं पूछताछ कक्ष शुरू हो गया है। इस कक्ष का शुभारंभ आज उच्च न्यायालय की ग्वालियर खण्डपीठ  के प्रशासनिक न्यायाधिपति न्यायमूर्ति श्री सुभाष संवत्सर ने माँ सरस्वती की मूर्ति के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं फीता  काटकर किया। इस अवसर पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री ए के. मिश्रा, जिला न्यायाधीश सतर्कता श्री आई एस. श्रीवास्तव, सी जे एम. श्री संजीव अग्रवाल व जिला न्यायायलय के रजिस्ट्रार श्री आर के जैन सहित अन्य न्यायाधीशगण तथा जिला अभिभाषक संघ के अध्यक्ष श्री डी के. कटारे व सचिव श्री रामविलास शर्मा समेत अन्य अभिभाषकगण मौजूद थे।

      स्वागत एवं पूछाताछ कक्ष के शुभारंभ के पश्चात प्रशासनिक न्यायाधिपति श्री सुभाष संवत्सर ने कहा कि जिला न्यायालय परिसर में स्वागत एवं पूछताछ कक्ष की स्थापना एक अच्छी पहल है। इससे आम पक्षकार को अब आसानी से अपनी तारीख के बारे में पता लग सकेगा। उन्होंने कहा कि स्वागत कक्ष में सुनवाई दिनांकों सहित अन्य जानकारी अपडेट बनी रहे इसका पूरा ध्यान रखा जाये।

जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री ए के. मिश्रा ने बताया कि जिला न्यायालय में दस्तावेजों के कम्प्यूटरीकरण का कार्य भी जारी है। यह कार्य पूर्ण होते ही स्वागत एवं पूछताछ कक्ष में सुनवाई की तारीखों सहित अन्य जानकारियां और भी जल्दी मिल सकेंगीं। उन्होंने बताया कि जिला न्यायालय में कौन से कोर्ट किस कक्ष में संचालित हैं, पक्षकारों को इसकी भी जानाकरी यहीं से मिल सकेगी।

 

 

स्कूल खुलने के पहले ही दिन कलेक्टर द्वारा विद्यालयों का आकस्मिक निरीक्षण, 6 शिक्षकों की वेतनवृध्दि रोकी, बालिकाओं ने की हायर सेकेंडरी स्कूल की मांग

स्कूल खुलने के पहले ही दिन कलेक्टर द्वारा विद्यालयों का आकस्मिक निरीक्षण

6 शिक्षकों की वेतनवृध्दि रोकी

ग्वालियर एक जुलाई 09 । शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने ''स्कूल चलें हम'' अभियान को सफल बनाने एवं स्कूल खुलने के पहले दिन से ही छात्र-छात्राओं की उपस्थिति सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री आकाश त्रिपाठी ने आज जिले के अनेक विद्यालयों का भ्रमण कर शिक्षक व छात्र-छात्राओं की उपस्थिति का जायजा लिया । उन्होंने इस दौरान विभिन्न विद्यालयों के कार्य के प्रति लापरवाह 6 शिक्षकों की वेतन वृध्दि रोकने के निर्देश दिये । कलेक्टर ने जितने विद्यालयों का निरीक्षण किया वे सभी आज खुले हुये थे । भ्रमण के दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विनोद शर्मा एवं परियोजना अधिकारी श्री विजय दुबे भी उनके साथ थे ।

      कलेक्टर श्री त्रिपाठी ने आज जिले की मुरार जनपद पंचायत के ग्राम गणेशपुरा, सोनी, बिजौली, जनारपुरा, स्यावनी तथा इकहरा का भ्रमण कर प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों का निरीक्षण किया । इस दौरान उन्होंने शिक्षकों को निर्देश दिये कि विद्यालयों में दर्ज संख्या के अनुसार छात्र-छात्राओं की उपस्थित सुनिश्चित की जाये । साथ ही शाला त्यागी एवं अप्रवेशी बच्चों का सर्वे तत्काल कर उनको भी विद्यालय लाया जाये। गांव के सभी बच्चे स्कूल जायें, यह शिक्षकों की जिम्मेदारी है कि गांव का कोई भी बच्चा स्कूल जाने से वंचित नही रहे । श्री त्रिपाठी ने निर्देश दिये कि शिक्षक बच्चों को अच्छे संस्कार दें, उन्हें साफ-सुथरा रहना सिखायें तथा शासन द्वारा बालिकाओं को प्रदाय किये गये निर्धारित गणवेश में ही विद्यालय आने को कहा जाये । उन्होंने विद्यालयों में छात्रों की उपस्थिति पंजी का अवलोकन किया तथा पंजी में दर्ज शत प्रतिशत बच्चों की उपस्थित पर बल दिया, ताकि परीक्षा परिणाम बेहतर लाया जा सके ।

      उन्होंने कार्य के प्रति लापरवाह 6 शिक्षकों की वेतनवृध्दि रोकने के निर्देश जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को दिये । जिन शिक्षकों की वेतन रोकने के निर्देश दिये उनमें गणेशपुरा प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक श्री राजराम मौर्य की दो, माध्यमिक विद्यालय सोनी के सभी तीन शिक्षकों की एक-एक, शासकीय प्राथमिक बालक विद्यालय बिजौली के शिक्षक श्री रामदास गोयल की दो तथा इकहरा प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक श्री सैयद याकूब की दो वेतन वृध्दि रोकने के निर्देश दिये । श्री त्रिपाठी ने विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन का भी निरीक्षण किया और बच्चों से भोजन के बारे में पूछा । इस संबंध में बच्चों ने बताया कि भोजन में उन्हें दाल, रोटी व सब्जी मिलती है । इस दौरान सोनी, जुनारपुरा एवं स्यावनी ग्राम के  विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन तैयार करने वाले स्व-सहायता समूह की शिकायत मिलने पर वर्तमान समूह को बदलकर अन्य समूह का गठन कर भोजन तैयार कराने के निर्देश दिये । इस दौरान उन्होंने बच्चों से पुस्तक वितरण तथा ग्रामीणों से स्कूल नियमित खुलने एवं शिक्षकों के नियमित आने की जानकारी ली । निरीक्षण के दोरान उन्होंने प्राथमिक विद्यालय गणेशपुरा परिसर का फर्श पक्का करवाने, माध्यमिक विद्यालय बिजौली में एक ही शिक्षक है वहां ग्राम सोनी के विद्यालय के अतिशेष दो शिक्षकों को भेजने की व्यवस्था करने, इकहरा विद्यालय परिसर में मुरमीकरण करने, बाउंड्रीवाल बनवाने तथा पानी की निकासी के लिये नाली बनवाने के निर्देश मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत को दिये ।

      ग्राम गणेशपुरा में उन्होंने आंगनबाड़ी केन्द्र, पशु औषद्यालय, निर्माणाधीन किचिन शेड एवं गांव की सीसी रोड देखी । आंगनबाड़ी के संबंध में उन्होंने निर्देश दिये कि जो बच्चे दर्ज हैं उन सभी की उपस्थिति सुनिश्चित की जाये । इसके लिये सहायिका घर-घर जाय और बच्चों को लेकर आये । उन्होंने लाड़ली लक्ष्मी योजना के प्रकरणों की भी जानकारी ली । साथ ही गांव में नंदनवन फलोद्यान योजना के तहत किये गये कार्य का मूल्यांकन कर भुगतान करने के निर्देश सीईओ को दिये । विद्यालय की निर्माणाधीन किचिन शैड के संबंध में सरपंच को निर्देश दिये कि कार्य शीघ्र पूर्ण करायें अन्यथा उनके विरूध्द  कार्यवाही की जायेगी । पशु औषद्यालय के एव्हीएफओ को कलेक्टर ने उपलब्ध वेक्सीन को पशुओं को समय से लगाने के निर्देश दिये । उन्होंनें गांव की सीसी रोड का अवलोकन भी किया ।

 

बालिकाओं ने की हायर सेकेंडरी स्कूल की मांग

      शिक्षा लोगों में जागरूकता लाने का मूलमंत्र है। इसे साबित किया ग्राम गणेशपुरा की आठवीं पांस बालिकाओं ने । इन बालिकाओं ने कलेक्टर से गांव में हायर सेकेंडरी तक स्कूल खुलवाने की पूरी दृढ़ता से मांग की । कलेक्टर श्री आकाश त्रिपाठी आज ग्राम गणेशपुरा में विद्यालय के निरीक्षण के लिये पहुंचे । निरीक्षण के पश्चात जब वे गाड़ी में बैठकर अन्य गांव की ओर जा रहे थे, तो गांव की आठवीं पास बालिकओं ने उनकी गाड़ी को रोक लिया तथा कहा कि गांव में आठवीं तक स्कूल हैं एवं आगे की पढ़ाई के लिये लड़कियों को दूसरे गांव में जाना पड़ता है । इसलिये ग्राम गणेशपुरा में ही हायर सेकेंडरी स्कूल खुलवाया जाये । इस पर श्री त्रिपाठी ने कहा कि आप तो पांच ही लड़कियां हैं , तो बालिकायें बोली हम 5 नहीं पूरे गांव की लड़कियां आठवीं से आगे की पढ़ाई  करने के लिये दूसरे गांव जाती है । बालिकाओं की इस बात पर कलेक्टर ने गांव में हायर सेकेंडरी स्कूल खुलवाने का आश्वासन देकर बालिकाओं के चेहरे खुशी से भर दिये।

 

महापौर ने शहरी नवीनीकरण मिशन में ग्वालियर को शामिल किये जाने के लिये केन्द्र सरकार को धन्यवाद दिया

महापौर ने शहरी नवीनीकरण मिशन में ग्वालियर को शामिल किये जाने के लिये केन्द्र सरकार को धन्यवाद दिया

ग्वालियर दिनांक 01.07.2009- महापौर विवेक नारायण शेजवलकर द्वारा ग्वालियर नगर को जवाहरलाल नेहरू शहरी नवीनीकरण मिशन जे.एण्ड.एन.यू.आर.एम. के विस्तार में शामिल किये जाने के लिये केन्द्रीय शहरी विकास मंत्री जयपाल रेड्डी को धन्यवाद दिया है।

       श्री शेजवलकर ने आज केन्द्रीय विकास मंत्री को एक फैक्स भेजकर केन्द्र सरकार को ग्वालियर शहर को इस योजना में शामिल करने के लिये धन्यवाद प्रेषित किया। उन्होंने अपने फैक्स भेजकर लेख किया है कि ग्वालियर शहर इस योजना में शामिल हो इस हेतु ग्वालियर की अनेकों सामाजिक, व्यवसायिक संस्थाओं यथा चैम्बर ऑफ कॉमर्स, लॉयन्स क्लब इत्यादि तथा शहर के जनप्रतिनिधियों द्वारा गत अनेक वर्षों से प्रयास किये गये थे। 18 दिसम्बर 2005 को माननीय प्रधानमंत्री श्री मनमोहन सिंह जी ग्वालियर प्रवास पर उपस्थित हुये थे, उस समय भी ग्वालियर के जनप्रतिनिधि जिनमें ग्वालियर के समस्त पूर्व महापौर तथा मंत्रीगण भी शामिल थे हमें उनसे ग्वालियर को इस योजना में शामिल किये जाने हेतु निवेदन किया था।

       श्री शेजवलकर ने माननीय प्रधानमंत्री को भी अपना वादा पूरा करने के लिये धन्यवाद दिया है। नगर निगम महापौर विवेक नारायण शेजवलकर द्वारा ग्वालियर शहर के विकास के लिये लागू किये गये इस मिशन में प्रभारी कार्यवाही करवाने के लिये ग्वालियर चंबल अंचल के सांसदों सर्वश्री श्रीमंत यशोधरा राजे सिंधिया, ज्योतिरादित्य सिंधिया, अशोक अर्गल एवं नरेन्द्र सिंह तोमर, प्रभात झा का भी धन्यवाद ज्ञापित किया है कि उनके द्वारा ग्वालियर शहर के विकास के लिये केन्द्र में पुरजोर वकालत कर ग्वालियर को शहरी नवीनीकरण मिशन में शामिल कराया।

       0प्र0 शासन के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को भी एक धन्यवाद पत्र भेजकर महापौर विवेक नारायण शेजवलकर ने इस मिशन की पैरवी के लिये धन्यवाद देते हुये लेख किया है कि विगत 12 जनवरी 2006 को ग्वालियर के जनप्रतिनिधियों तथा व्यापारिक संस्थाओं प्रतिनिधि मण्डलों के निवेदन पर आपके द्वारा प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को जवाहरलाल नेहरू, शहरी नवीनीकरण मिशन में शामिल किये जाने का अनुरोध किया गया। उसी का परिण्ााम है कि आज हमारे सारे प्रयास फलिभूत हुये हैं।

       श्री शेजवलकर ने कहा कि शहरी नवीनीकरण योजना में ग्वालियर के शामिल हो जाने से ग्वालियर शहर में विकास के नये रास्ते खुलेंगे तथा ग्वालियर का औद्योगिक विकास भी होगा तथा ग्वालियर की आधारभूत संरचना में लाभदायी परिवर्तन आयेंगे।

 

July 01

क्षेत्र की विकास योजना सभी को साथ लेकर बनेगी-नरेन्द्र सिंह तोमर

क्षेत्र की विकास योजना सभी को साथ लेकर बनेगी-नरेन्द्र सिंह तोमर

Narendra Singh Tomar”Anand” and Rajesh Singh Sikarwar

-राजनैताओं को लोकोपयोगी सेवाओं का निजी उपयोग बर्दाश्त नही

- बिजली संकट का समाधान जुलाई-अगस्त में संभव

-4 जुलाई को होगी शहर विकास पर खुली चर्चा

मुरैना 30 जून 09 आज शहर के प्रतिष्ठित राजश्री होटल में पत्रकारों की खचाखच भरी सभा में पत्रकारों से चर्चा करते हुये मुरैना-श्योपुर क्षेत्र के  सांसद श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि आज लोकसभा चुनाव के उपरान्त स्थानीय पत्रकारों से मेरी पहली मुलाकात हो रही है। और यहा से भाजपा को विजयी बनाने में सभी का सहयोग व समर्थन प्राप्त हुआ है, जिसके लिये  मैं भारतीय जनता पार्टी की ओर से एवं स्वयं अपनी ओर से सभी का हार्दिक धन्यवाद देता हूँ। विशेष रूप से सभी पत्रकार बन्धुओं के प्रति  कृतज्ञता ज्ञापित करता हूँ।

श्री तोमर ने बताया कि आगामी 4 जुलाई को प्रदेश के स्थानीय स्वशासन एवं नगरी विकास मंत्री श्री बाबूलाल गौर मुरैना आयेगे। और पत्रकारों से भी चर्चा करेगें। तथा नगरीय विकास पर सभी से खुली चर्चा करेगें। जिससे नगर के विकास का ब्लू प्रिन्ट बन सके। श्री तोमर ने कहा कि 6 जुलाई से पं.श्यामाप्रसाद मुखर्जी के जन्म दिवस से भाजपा का सदस्यता अभियान भी शुरू होगा तथा भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा अपने अपने क्षेत्रों में वृक्षारोपण भी किया जायेगा।

अंचल में व्याप्त बिजली संकट पर पत्रकारों द्वारा प्रश्न पूछे जाने पर श्री तोमर ने बताया कि पानी नही बरसने से पैदा हुये संकट के कारण वर्तमान बिजली समस्या पैदा हो गयी है। और जुलाई अगस्त के महीने तक इस समस्या का निदान हो जायेगा। ईश्वर की कृपा रही तो अच्छी जल वर्षा के उपरान्त भरपूर बिजली उपलब्ध हो सकेगी।

कुछ राजनैतिक बाहुबलियों द्वारा सरकारी लोकोपयोगी सेवाओं जैसे सरकारी हैण्ड पंम्पों में सीेधे मोटर लगाकर अपने घरों में निजी इस्तेमाल किये जाने पर श्री तोमर ने कहा कि कोई भी राजनैतिक दल या बाहुबली या राजनेता इस प्रकार का कृत्य करता है तो वह अक्षम्य है और सामाजिक अपराधी है। मैं इस की निंदा करता हूँ। जब समर्थ लोग गरीबों के हक जैसे पानी पर डाका डालते है तो ईश्वर का भी हृदय काँप जाता है। किसी को भी ऐसा नही करना चाहिये।

संसदीय क्षेत्र के विकास और उन्नति की योजना के सम्बन्ध में श्री तोमर ने कहा कि क्षेत्र के विकास का अनेक पहलुओं और आयामों  के संदर्भ में समुचित सुगठित व सुनियोजित परियोजना तैयार की जानी आवश्यक है। इसके लिये सभी पत्रकारों, बुद्धिजीवीयों एवं समाज के सभी वर्गो को साथ बिठालकर चर्चा की जायेगी और पत्रकारों को साथ ले जाकर पूरे क्षेत्र का ब्लू प्रिंन्ट तैयार किया जायेगा एवं क्षेत्र में फै ली विरासतो, ऐतिहासिक संपदाओं का राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में ख्यातिकरण एवं उनका संरक्षण व पर्यटकीय महत्व प्रतिपादन हेतु व्यापक योजना बनाई जायेगी।

बेरोजगार नौजवानों को उचित रोजगार प्राप्त हो तथा काम के अवसर मिले जिससे वें पथ से न भटके इस बात पर विशेष ध्यान दिया जायेगा।  इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष क्षेत्रीय सांसद नरेन्द्र सिंह तोमर के अलावा जिला अध्यक्ष नागेन्द्र तिवारी, कृषि उद्योग विकास निगम के अध्यक्ष मुंशीलाल, केदार यादव, गजराज सिंह सिकरवार, डा. जितेन्द्र चतुर्वेदी, वरिष्ठ अभिभाषक रामस्वरूप गुप्ता महेश मिश्रा, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष हमीर पटेल,महिला मोर्चा अध्यक्षा श्रीमती सुमन कुशवाह, श्रीवल्लभ डण्डोतिया सहित पार्टी संगठन के पदाधिकारी मौजूद थे।

 

June 30

बेवसाइट का बिजली पानी सप्‍लाई पूरी तरह बन्‍द, पिछले 60 घण्‍टे से नहीं है बिजली

बेवसाइट का बिजली पानी सप्‍लाई पूरी तरह बन्‍द, पिछले 60 घण्‍टे से नहीं है बिजली

समाचार अपडेशन - खेद सूचना

हमें खेद है कि मुरैना म.प्र. में चल रही पिछले एक माह से बिजली कटोती विगत चार पाँच दिन से पूरे दिन और रात की बिजली कटोती में बदल जाने के कारण समाचार अद्यतन नहीं हो पा रहा है । विद्युत व्यवस्था सही होने या प्रशासनिक परिवर्तनों के बाद पूर्ववत अद्यतन किया जा सकेगा । अभी शहर मुरैना में 27 जून से वेबसाइट ग्‍वालियर टाइम्‍स के गांधी कालोनी मुरैना स्थित कार्यालय की बिजली सप्‍लाई का फीडर पूरी तरह अलग करके केवल वेबसाइट के कार्यालय के आसपास बिजली और पीने का पानी सप्‍लाई पूरी तरह बन्‍द कर दी गई है पिछले करीब 60 घण्‍टे से वेबसाइट कार्यालय क्षेत्र में बिजली पानी पूरी तरह बन्‍द होने के कारण अब अपडेट संभव नहीं है, परिणामत: भिण्‍ड, मुरैना और ग्‍वालियर के कुछ समाचार जो कि मुरैना के गांधी कालोनी कार्यालय से किये जाते हैं अब अपडेट होना संभव नहीं हैं अन्‍य कार्यालयों व अन्‍य शहरों से होने वाले अपडेट यथावत जारही रहेंगे ।  हमारा वायदा है हम अपनी पूर्व घोषित बनिया प्रशासन और भ्रष्‍टाचार तथा आपराधिक मामलों सम्‍बन्‍धी खबर अवश्‍य प्रकाशित करेंगे । अभी वेबसाइट कार्यालय की बिजली पानी सप्‍लाई मुरैना में पूरी तरह बन्‍द कर दिये जाने से समाचार अद्यतन संभव नहीं है ।

 

June 28

नव नियुक्त राज्यपाल श्री ठाकुर का 30 जून को शपथ ग्रहण समारोह

नव नियुक्त राज्यपाल श्री ठाकुर का 30 जून को शपथ ग्रहण समारोह

Bhopal:Saturday, June 27, 2009

मध्यप्रदेश के नव नियुक्त राज्यपाल श्री रामेश्वर ठाकुर मंगलवार 30 जून, 2009 को प्रदेश के राज्यपाल पद की शपथ ग्रहण करेंगे। शपथ ग्रहण समारोह राजभवन में पूर्वान्ह 11.50 बजे से अपरान्ह 12.20 बजे तक आयोजित किया जायेगा।

नव नियुक्त राज्यपाल श्री ठाकुर 30 जून को सुबह 10 बजे जेट एयरवेज के विमान से भोपाल विमानतल पर पहुचेंगे।

 

मुरैना को मिले 3 लाख रूपये, पेयजल व्यवस्था के लिये चार जिलो को 31.75 लाख रूपये आवंटित

मुरैना को मिले 3 लाख रूपये, पेयजल व्यवस्था के लिये चार जिलो को 31.75 लाख रूपये आवंटित

Bhopal:Saturday, June 27, 2009

राज्य शासन ने धार, बुरहानपुर, मुरैना तथा छिन्दवाड़ा जिलो में पेयजल परिवहन कार्यो के लिए द्वितीय किश्त के रूप में 31 लाख 75 हजार रूपये राशि का आवंटन प्रदान किया है।

राहत आयुक्त म.प्र. द्वारा जारी आदेश के अनुसार इसमें से धार जिले को 12 लाख 25 हजार रूपये, बुरहानपुर को एक लाख 50 हजार रुपये, मुरैना को तीन लाख रुपये और छिन्दवाड़ा जिले को 15 लाख रूपये की राशि आवंटित की गई है।

इस राशि का उपयोग सूखा, पेयजल संकट आदि समस्याओं से निपटने के बारे में जारी स्थाई दिशा-निर्देशों तथा आपदा-राहत निधि के मानदंडों के अनुसार करने की हिदायत दी गई है।

जारी निर्देशों के अनुसार पेयजल परिवहन कार्य में जनभागीदारी को प्रोत्साहित किया जायेगा। यह कार्य ग्राम पंचायतों के माध्यम से कराया जायगा और इसमें ठेकेदारों का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा।

 

आरोपियों की गिरफ्तारी में आनाकानी, थाना प्रभारी निलंबित, एस.डी.ओ.पी. पर भी शिकंजा, गृह मंत्री की कार्रवाई

आरोपियों की गिरफ्तारी में आनाकानी, थाना प्रभारी निलंबित, एस.डी.ओ.पी. पर भी शिकंजा, गृह मंत्री की कार्रवाई

Bhopal:Saturday, June 27, 2009

 

धार जिले के धरमपुरी में एक युवती के अपहरण और बलात्कार को लेकर ढिलाई पुलिस अफसरों पर भारी पड़ गई। युवती ने आज अपनी माँ के साथ राजधानी में गृह मंत्री श्री जगदीश देवड़ा से भेंट कर उन्हें आपबीती सुनाई। श्री देवड़ा ने इस मामले को पूरी गंभीरता से लेकर धरमपुरी के थाना प्रभारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करवा दिया। उन्होंने इसी सिलसिले में मनावर के एसडीओपी के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई के निर्देश दिये हैं। सात दिन में आरोपियों को गिरफ्तार करने की डेडलाइन तय की गई है।

धरमपुरी की श्रीमती तोताबाई अपनी पुत्री बबली और दामाद के साथ आज गृह मंत्री श्री देवड़ा से यहां मिली थीं। उन्होंने बताया कि जनवरी, 2008 में उनकी पुत्री बबली का अपहरण हो जाने पर स्थानीय पुलिस ने कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की। पीड़िता द्वारा पुलिस को निरंतर संदिग्ध लोगों के बारे में बताये जाने के बावजूद पुलिस ने उसकी अनदेखी की। घटना के कोई डेढ़ वर्ष बाद लड़की के मिलने पर पुलिस ने जैसे-तैसे लड़की के साथ षड़यंत्रपूर्वक अपहरण एवं बलात्कार करने वाले इकबाल, नानसिंह और कालिया आदि कुल पांच आरोपियों के खिलाफ हाल ही में 6 जून को मामला तो पंजीबध्द किया, लेकिन आज तक वह किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी।

पहली नजर में पूरे घटनाक्रम में पुलिस की विभिन्न स्तरों पर लापरवाही साफ झलकने पर गृह मंत्री ने पुलिस महानिदेशक और एडीजी (एजेके) को संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिये। पुलिस मुख्यालय ने इसके बाद तत्काल कार्रवाई अंज़ाम दी। गृह मंत्री श्री देवड़ा ने पुलिस प्रशासन को चेताया है कि लापरवाह पुलिसकर्मियों के विरुध्द कठोर कार्रवाई करने में राज्य शासन देरी नहीं करेगा।

 

रोज खुलेंगीं कण्‍ट्रोल: राशन दुकानों संबंधी आदेश जारी

रोज खुलेंगीं कण्‍ट्रोल: राशन दुकानों संबंधी आदेश जारी

Bhopal:Saturday, June 27, 2009

राज्य शासन ने मध्यप्रदेश खाद्य सामग्री वितरण नियंत्रण आदेश 1960 के खंड-4 के अनुसरण में बनाई गई मध्यप्रदेश खाद्य पदार्थ सार्वजनिक नागरिक पूर्ति वितरण स्कीम 1991 के पद 7 में उल्लेखित प्रावधानों के अंतर्गत राशन दुकानों के खुलने के दिनों को लेकर हाल ही में नया निर्णय लिया है। इसके अनुसार प्रदेश के अंतर्गत संचालित शासकीय उचित मूल्य की दुकानें प्रत्येक माह के प्रत्येक सप्ताह में साप्ताहिक अवकाश के केवल एक दिन तथा शासन द्वारा घोषित सार्वजनिक अवकाश के दिनों को छोड़कर प्रत्येक दिन निर्धारित समय पर खोली एवं बंद की जायेंगी। इसके आदेश गत दिवस जारी कर दिये गये हैं।

इस बारे में निर्णय का दृढ़ता एवं गंभीरता से परिपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये हैं। राज्य शासन द्वारा पूर्व में जारी आदेश इस आदेश के जारी होने के दिनांक से निरस्त कर दिये गये हैं।